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डॉ0जितेन्‍द्र नाथ राय

प्राचार्य

प्राचार्य

शिक्षा समाज की नीव है | शिक्षा के माध्यम से ही मानव अपने सपने को साकार रूप प्रदान कर सकता है | गुरु छात्र का प्रथम रूप है, और छात्र गुरु का द्वितीय रूप है | गुरु के सकारत्मक सहयोग से शिष्य अपने जीवन की राह चुनने में समर्थ हो जाता है | आज भौतिकता के युग में मानव नई खोज कर रहा है | शिक्षा न केवल व्यक्तित्व का सर्वागीण विकास करती है, बल्कि सामाजिक एवं संस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी करती है | यहाँ पर छात्र एवं छात्राओं के हित में शैक्षिक वातावरण का समावेश किया गया है | जिससे नवीन भारत के निर्माण में ये छात्र अपना पूर्ण सहयोग प्रदान कर सके | मेरा प्रयास है की ग्रामीण क्षेत्र के छात्र एवं छात्राओं का सर्वागीण विकास हो | क्योकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति के प्रति आस्था और निष्ठा उसी शिक्षा के माध्यम से रख सकती है जिसका आधार उसकी संस्कृति हो | महाविद्यालय का प्रयास है की शिक्षा के द्वारा छात्र एवं छात्राए समाज की नवीन धारा में जुड़ सके | ग्रामीण क्षेत्र के विधार्थी समाज में गतिशीलता प्रदान करके शिक्षा की प्रक्रिया में हमारा सहयोग करे | मेरा ऐसा विश्वास की शिक्षा की प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करके मै अपनी परिकल्पना को पूर्णता प्रदान कर सकता हूँ | ईश्वर मेरे इस उद्देश में मेरा मार्गदर्शन करे व महाविद्यालय उज्जवल शैक्षिक वातावरण बनाने के सपने को साकार रूप प्रदान करे |

संस्‍थान परिवार समाज के लोगों को सचेत करने के साथ युवाओं में राष्ट्रेवा का भाव जागृत करने की भी अथक प्रयास कर रहा है। इस क्रम में संस्‍थान में राष्ट्रीय सेवा योजना की दो इकाईयाँ कार्य कर रही हैं, इसके साथ ही युवाओं को एड्स और रक्तदान के प्रति जागरूक करने के लिए संस्‍थानमें रेड रिबन क्लब की भी स्थापना की गई है।.

यह संस्‍थान भावी राष्ट्र निर्माण के विभिन्न सक्षम युवाओं का विकास करने के लिए संकल्पित है। भारत एक युवा राष्ट्र है। ऐसी स्थिति में यदि युवा शिक्षा और ज्ञान के से परिपर्ण होगा और अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति सजग होगा, तो भारत स्वतः विकास के पथ पर अग्रसर हो जायेगा। हमारे संस्थान का यही प्रयास है कि इस क्षेत्र में हम अपना श्रेष्ठतम योगदान दे सकें। इन्ही अपेक्षाओं को पूरा करने के लए हमारा संस्‍थान परिवार निरन्तर प्रयासरत है।